MPMS Scheme 2026: केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, ₹62,500 करोड़ से बढ़ेगा मोबाइल उत्पादन और रोजगार

By: Deep Mallick

On: July 16, 2026

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MPMS Scheme 2026

भारत सरकार ने देश में मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए MPMS Scheme 2026 को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सरकार ने लगभग ₹62,500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल करना है।

आज भारत दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल बाजारों में से एक है। देश में स्मार्टफोन की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण मोबाइल कंपोनेंट के लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस योजना के माध्यम से सरकार मोबाइल निर्माण की पूरी सप्लाई चेन को भारत में विकसित करना चाहती है।

MPMS Scheme 2026 के जरिए मोबाइल उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण, रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) तथा निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

MPMS Scheme 2026 Highlights

योजना का नामMPMS Scheme 2026
शुरुआतकेंद्र सरकार द्वारा
कुल बजट₹62,500 करोड़
क्षेत्रइलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण
उद्देश्यभारत को ग्लोबल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना
लाभार्थीमोबाइल निर्माता कंपनियां और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग
लक्ष्यउत्पादन बढ़ाना और रोजगार पैदा करना

₹62,500 करोड़ की योजना का उद्देश्य

MPMS Scheme 2026 का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत में मोबाइल फोन निर्माण को बड़े स्तर पर बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि भारत केवल मोबाइल असेंबल करने वाला देश न रहे, बल्कि मोबाइल के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों का निर्माण भी देश में हो।

इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं:

  • भारत में मोबाइल फोन उत्पादन बढ़ाना।
  • विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करना।
  • मोबाइल कंपोनेंट निर्माण को बढ़ावा देना।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत बनाना।
  • युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • मोबाइल फोन निर्यात को बढ़ावा देना।

भारत बनेगा दुनिया का मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने मोबाइल निर्माण क्षेत्र में तेजी से विकास किया है। कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर चुकी हैं।

नई योजना के लागू होने के बाद भारत में:

  • ज्यादा मोबाइल फैक्ट्रियां स्थापित होंगी।
  • उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
  • मोबाइल एक्सपोर्ट में वृद्धि होगी।
  • घरेलू कंपनियों को वैश्विक बाजार में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि भारत आने वाले वर्षों में चीन और अन्य बड़े मोबाइल निर्माण देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके।

मोबाइल कंपनियों को मिलेगा बड़ा फायदा

Mobile Phone Manufacturing Scheme 2026 के तहत पात्र मोबाइल निर्माता कंपनियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन दिया जाएगा।

इससे कंपनियों को:

  • उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
  • निवेश करने का अवसर मिलेगा।
  • नई तकनीक विकसित करने में सहायता मिलेगी।
  • भारत में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का फायदा मिलेगा।

इस योजना से बड़ी विदेशी कंपनियों के साथ-साथ भारतीय मोबाइल कंपनियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

रोजगार के लाखों अवसर होंगे पैदा

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग उद्योग एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। नई योजना के कारण देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

संभावित रोजगार क्षेत्र:

  • मोबाइल असेंबली ऑपरेटर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर
  • मशीन ऑपरेटर
  • क्वालिटी टेस्टिंग कर्मचारी
  • डिजाइन इंजीनियर
  • टेक्निकल स्टाफ
  • सप्लाई चेन मैनेजर
  • पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स कर्मचारी

इस योजना से युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में नई नौकरियां मिलने की संभावना है।

Make in India अभियान को मिलेगा बढ़ावा

Mobile Phone Manufacturing Scheme 2026, भारत सरकार के Make in India और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सरकार का उद्देश्य है कि:

  • भारत में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाए जाएं।
  • आयात पर निर्भरता कम हो।
  • भारतीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बनाएं।
  • देश में नई तकनीक का विकास हो।

इस योजना से भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से विकसित हो सकता है।

मोबाइल कंपोनेंट निर्माण पर रहेगा जोर

मोबाइल फोन बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण हिस्सों की आवश्यकता होती है जैसे:

  • डिस्प्ले
  • बैटरी
  • कैमरा मॉड्यूल
  • चिपसेट
  • सर्किट बोर्ड
  • सेंसर
  • अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स

वर्तमान समय में कई कंपोनेंट विदेशों से आयात किए जाते हैं। नई योजना के माध्यम से सरकार इन कंपोनेंट का निर्माण भारत में बढ़ाना चाहती है।

इससे:

  • उत्पादन लागत कम होगी।
  • भारत की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी।
  • घरेलू उद्योग मजबूत होगा।

छोटे और मध्यम उद्योगों को मिलेगा अवसर

MPMS Scheme 2026 केवल बड़ी कंपनियों के लिए नहीं बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी अवसर लेकर आएगी।

मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े छोटे व्यवसाय जैसे:

  • कंपोनेंट सप्लायर
  • पैकेजिंग कंपनियां
  • सर्विस प्रोवाइडर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट निर्माता

भी इस क्षेत्र के विकास से लाभ उठा सकेंगे।

योजना के तहत निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार चाहती है कि देश और विदेश की कंपनियां भारत में निवेश करें। इसके लिए निवेशकों को बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।

इससे:

  • नई फैक्ट्रियां लगेंगी।
  • औद्योगिक विकास बढ़ेगा।
  • राज्यों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

आम नागरिकों को क्या फायदा मिलेगा?

MPMS Scheme 2026 का फायदा आम लोगों को भी मिलेगा।

इसके प्रमुख लाभ:

✅ देश में मोबाइल उत्पादन बढ़ेगा।
✅ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
✅ भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग मजबूत होगा।
✅ नई तकनीक का विकास होगा।
✅ मोबाइल एक्सपोर्ट बढ़ेगा।
✅ भारत की वैश्विक पहचान मजबूत होगी।

MPMS Scheme 2026 में आवेदन कैसे करें?

  • MeitY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • ✅ कंपनी रजिस्ट्रेशन, GST, PAN और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की जानकारी जमा करें।
  • ✅ निवेश योजना और मोबाइल उत्पादन क्षमता का विवरण भरें।
  • ✅ जरूरी दस्तावेज अपलोड करके आवेदन सबमिट करें।
  • ✅ सरकार द्वारा जांच और मंजूरी के बाद पात्र कंपनियों को इंसेंटिव का लाभ मिलेगा।

Official Website: MPMS Scheme 2026
Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY)

MPMS Scheme 2026 का महत्व

भारत में मोबाइल फोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में यह योजना देश के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को नई दिशा दे सकती है।

₹62,500 करोड़ का निवेश:

  • भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाएगा।
  • विदेशी निवेश आकर्षित करेगा।
  • लाखों रोजगार पैदा करेगा।
  • भारत को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा।

निष्कर्ष

MPMS Scheme 2026 भारत के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है। ₹62,500 करोड़ की इस योजना के माध्यम से सरकार भारत को दुनिया का प्रमुख मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में काम कर रही है।

यह योजना न केवल मोबाइल उत्पादन को बढ़ावा देगी बल्कि रोजगार, निवेश, तकनीकी विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी। आने वाले वर्षों में भारत मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बड़ी भूमिका निभा सकता है।

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