Employment Generation Schemes: सरकार की इन योजनाओं से मिलेगा रोजगार, ABRY भी शामिल

By: Deep Mallick

On: August 9, 2026

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Employment Generation Schemes

Employment Generation Schemes: देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और बेरोजगार युवाओं को काम से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि युवाओं, छोटे उद्यमियों, स्वरोजगार शुरू करने वालों और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है।

सरकार की Employment Generation Schemes/Programmes की सूची में Aatmanirbhar Bharat Rojgar Yojana (ABRY) सहित कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन, स्वरोजगार को बढ़ावा, छोटे कारोबार को सहायता और ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है।

Employment Generation Schemes क्या हैं?

Employment Generation Schemes यानी रोजगार सृजन योजनाएं वे सरकारी योजनाएं हैं जिनका मुख्य उद्देश्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने या रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद करना है। इनमें कुछ योजनाएं सीधे नौकरी के अवसरों से जुड़ी होती हैं, जबकि कुछ के तहत लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय या अन्य सहायता दी जाती है।

भारत जैसे बड़े देश में रोजगार सृजन सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग क्षेत्रों और जरूरतों के अनुसार रोजगार से जुड़ी योजनाएं संचालित करती हैं।

Official Websites:

ABRY क्या है?

Aatmanirbhar Bharat Rojgar Yojana (ABRY) को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना का फोकस कोविड-19 महामारी के बाद रोजगार के अवसरों को बढ़ाने और नए कर्मचारियों को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ने पर था।

ABRY के तहत पात्र प्रतिष्ठानों और नए कर्मचारियों से संबंधित EPFO आधारित रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से सहायता का प्रावधान किया गया था। इसका उद्देश्य नियोक्ताओं को नए रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना और अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना था।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)

Prime Minister’s Employment Generation Programme (PMEGP) देश में स्वरोजगार और माइक्रो एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देने वाली प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है।

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी नया व्यवसाय या माइक्रो यूनिट स्थापित करने के लिए बैंक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। योजना में निर्धारित नियमों के अनुसार मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान भी होता है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

MGNREGA ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली देश की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को मांग के आधार पर अकुशल शारीरिक कार्य से जुड़ा रोजगार उपलब्ध कराना है।

इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जल संरक्षण, तालाब, भूमि विकास और अन्य सार्वजनिक उपयोग से जुड़े कार्य किए जाते हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिलने के साथ-साथ गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण भी होता है।

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना

Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana (DDU-GKY) ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों के युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इस तरह यह योजना केवल रोजगार खोजने में ही नहीं बल्कि युवाओं की employability बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana (PMKVY) के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने का प्रयास किया जाता है। आधुनिक अर्थव्यवस्था में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल होना भी महत्वपूर्ण है।

PMKVY जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को अलग-अलग ट्रेड और जॉब रोल से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इससे प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान

Rural Self Employment Training Institutes (RSETIs) के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और संभावित उद्यमियों को स्वरोजगार से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण के जरिए लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए तैयार करना है।

इस तरह की पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो नौकरी के बजाय अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं।

रोजगार सृजन योजनाओं का महत्व

Employment Generation Schemes का महत्व केवल नौकरी देने तक सीमित नहीं है। इन योजनाओं से अर्थव्यवस्था में कई स्तरों पर प्रभाव पड़ता है।

पहला, बेरोजगार युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं। दूसरा, छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। तीसरा, कौशल प्रशिक्षण से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ती है।इसके अलावा ग्रामीण रोजगार योजनाएं गांवों में आय के अवसर बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद करती हैं।

युवाओं को क्या करना चाहिए?

अगर आप सरकारी रोजगार योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी eligibility और योजना की वर्तमान स्थिति जांचना जरूरी है। अलग-अलग योजनाओं में आयु, शैक्षणिक योग्यता, रोजगार की स्थिति, व्यवसाय का प्रकार, क्षेत्र और अन्य पात्रता शर्तें अलग हो सकती हैं।

किसी भी योजना के लिए आवेदन करने से पहले केवल सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करें। किसी अनधिकृत व्यक्ति या वेबसाइट को अपने बैंक विवरण, OTP या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें।

FAQ

Q1. Employment Generation Schemes क्या हैं?
Employment Generation Schemes वे सरकारी योजनाएं हैं जिनका उद्देश्य रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

Q2. ABRY का पूरा नाम क्या है?
ABRY का पूरा नाम Aatmanirbhar Bharat Rojgar Yojana है।

Q3. PMEGP किसके लिए है?
PMEGP मुख्य रूप से नए माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने से जुड़ा कार्यक्रम है।

Q4. MGNREGA का उद्देश्य क्या है?
MGNREGA ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण पर केंद्रित है।

Q5. सरकारी रोजगार योजनाओं की जानकारी कहां से लें?
योजना की पात्रता, आवेदन और वर्तमान स्थिति की जानकारी संबंधित मंत्रालय, विभाग या सरकारी पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट से लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

Employment Generation Schemes देश में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार के महत्वपूर्ण प्रयासों का हिस्सा हैं। ABRY, PMEGP, MGNREGA, DDU-GKY, PMKVY और RSETI जैसी विभिन्न पहलें अलग-अलग वर्गों और जरूरतों के अनुसार रोजगार सृजन एवं कौशल विकास पर ध्यान देती हैं।

युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार सही योजना की पहचान करें और आवेदन से पहले उसकी latest eligibility, guidelines और application process की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।

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